उत्तर प्रदेश : कोरोना के नए सवरूप ‘डेल्टा प्लस’ को लेकर प्रदेश सरकार हुई सतर्क

देश के कई राज्यों में कोविड के नए वैरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ संक्रमण के नए मामले मिलने से सतर्क उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को जरूरी रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने गुरुवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 की बैठक में कहा कि देश के कई राज्यों में कोविड का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस संक्रमण के मरीज सामने आए हैं। हमें विशेष सतर्कता बरतनी होगी। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्शदाता समिति से संवाद करते हुए आवश्यक रणनीति तय की जाए।

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे प्रदेश में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि को देखते हुए निकटस्थ जिलों से सैम्पल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जानी चाहिए। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू, लखनऊ में आवश्यक सुविधाएं यथाशीघ्र मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 229 नए मामले सामने आए है जबकि 308 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। प्रदेश में फिलहाल 3,552 संक्रमित मरीजों का इलाज हो रहा है। उन्होने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में महामारी पर नियंत्रण, बेहतर टीम वर्क का परिणाम है

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून के लिए हमने एक करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य रखा था और 23 जून तक 97 लाख लोगों को टीका-कवर दिया जा चुका है।  21 से 30 जून तक हर दिन न्यूनतम 6 लाख वैक्सीन लगाने का लक्ष्य भी पूरा हो रहा है। बुधवार भी सात लाख 84 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया, इसमें 5 लाख 27 हजार केवल 18-44 आयु वर्ग के लोग थे। अब तक प्रदेश में 2.80 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। 41 लाख 42 हजार से अधिक लोग टीके के दोनों डोज प्राप्त कर चुके हैं। 1 जुलाई से हर दिन न्यूनतम 10 लाख लोगों को टीका-कवर प्रदान करने के लक्ष्य के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

सीएम योगी ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका देखते हुए सभी जरूरी प्रयास यथाशीघ्र पूरी की जाए। पी बाइपैक मशीन, पीडियाट्रिक आईसीयू, मोबाइल एक्सरे मशीन सहित सभी जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। इनके निमार्ता कम्पनियों से सीधे संवाद होना चाहिए। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है। इनके माध्यम से अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। पीडियाट्रिक विशेषज्ञ हो, नर्सिंग स्टाफ हो अथवा तकनीशियनों की जरूरत, जिलावार स्थिति का आकलन करते हुए पयार्प्त मानव संसाधन की व्यवस्था कराएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार सभी जरूरी उपयोगी दवाओं की खरीद कर ली जाए। अगले एक पखवारे के भीतर यह सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं।

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