UP News : Modinagar : मोदीनगर 16 वर्षीय नाबालिक से घर में घुसकर 4 लोगों ने किया दुष्कर्म का प्रयास

 

पुलिस ने पीड़िता के पिता को एससी-एसटी की धारा में भेजा जेल,

पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का लगा आरोप

पुलिसिया कार्रवाई पर लगा सवालिया निशान?

सीओ प्रभात कुमार पर लगा जातिय भेदभाव का आरोप।

गाजियाबाद के मोदीनगर कोतवाली क्षेत्र से ग्राम रोरी में एक कानून की धज्जियाँ उड़ा देने वाला मामला सामने आया है। आप को बताते चलें की 12 जुलाई की रात को तकरीबन 2:30 बजे ग्राम के ही चार लोग अंकित, संदीप, दो अन्य लोग,अपने पडोस में ही रहने वाली, नाबालिक युवती के घर में, दीवार फांदकर जा घुसे अपनी मौसी के साथ कमरे में, सो रही, दबंगों ने युवती का मुंह दबाकर उसे दूसरे कमरे में उठाकर ले गए और दुष्कर्म करने की कोशिश की लड़की ने किसी तरह अपने मुंह से हाथ हटाया और शोर मचा दिया लड़की की चींख पुकार सुनकर घर में सो रही लड़की की मौसी भाई और घर के अन्य लोगों की आंख खुल गई। और वो लोग मदद के लिए दौड़े घरवालों को आता देख सभी आरोपी भाग खड़े हुए लेकिन एक आरोपी को परिजनों ने पकड लिया।

आरोपी ने भागने का काफी प्रयास किया और पीडिता और उसके घरवालों के साथ मारपीट की जिसमें पीड़िता के सिर पर चोट भी आई लेकिन घरवालों ने आरोपी को भागने नहीं दिया दोनों लोग चोटिल होने के बाद भी पीड़िता के परिवार वालों ने 112 – 100 नम्बर पर मदद के लिए काल किया लेकिन काल नहीं लगी। घरवालों ने आरोपी का एक वीडियो भी बना लिया जो कि समय 3:25 मिनट का है। उसके बाद घरवालों ने नजदीकी पुलिस चौकी को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मोके पर पहुंची और दोनों पक्षों को पकड़ कर थाने ले गई। और पीड़ित पक्ष को कारवाई का भरोसा दे कर घर भैज दिया लेकिन अगले दिन जो हुआ वो पीड़िता के परिवार की समझ से बिल्कुल परे था। पुलिस ने पीड़िता के परिवार की सभी बातों को अनदेखा करते हुए आरोपी पक्ष की ओर से 7 लोगों के खिलाफ ही एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर पीड़ित लड़की के पिता को ही जेल भेज दिया। घर के बाकी लोगों को भी गिरफ्तार करने के लिए पीड़िता के घर पर दबिश दी जा रही है पुलिस के डर से पीड़ित परिवार घर छोड़कर भागने पर मजबूर हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लड़की के पिता सब्जी बेचने का काम करते हैं, और रात के एक बजे सब्जी मंडी पहुंच जाते हैं, और घटना के समय पीड़िता के माता-पिता दोनों मंडी में ही थे। घटना के बाद उन्हें फोन कर थाने पर बुलाया गया। लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने पीड़ित लडकी के परिवार पर ही मुकदमा दर्ज कर पिता को ही जेल भेज दिया।

पुलिस ने उन तमाम लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है जो घटना के समय मौके पर मौजूद तक नहीं थे। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पक्ष पूर्व में भी पीड़िता पर इस तरह की घटना को अंजाम देने की कोशिश कर चुका है। और वह मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन आरोपी पक्ष ने पीड़ित परिवार को डरा धमका कर बयान बदलवा दिए थे। जिसके चलते आरोपियों के हौंसले इतने बुलंद हो गए कि दबंगों ने दोबारा दुष्कर्म करने की कोशिश की। इस बार आरोपियों की मदद करने का आरोप क्षेत्रीय अधिकारी प्रभात कुमार पर लगा है। क्योंकि आरोपी पक्ष और क्षेत्रीय अधिकारी एससी जाति से हैं। और पीड़ित परिवार सामान्य ब्राह्मण जाति से हैं पीड़ित परिवार अपनी फरियाद लेकर एसपी आफिस पहुंचा लेकिन वहां सीओ प्रभात कुमार पहले से ही मोजूद थे सीओ प्रभात कुमार ने उन्हें वहां से यह कह कर भगा दिया कि तुम्हे मैं यही गिरफ्तार कर लूंगा नहीं तो यहां से भाग जाओ। यह सुन पीड़ित परिवार डरकर वहां से चला आया। दो दिन बाद पीड़ित पक्ष हिम्मत जुटाकर एसपी देहात नीरज जादौन से मिला और अपनी आप बीती सुनाई एसपी देहात के संज्ञान लेने के बाद इंस्पेक्टर मोदीनगर से जवाब मांगा गया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर मोदीनगर ने खामियाओ का सारा ठीकरा सीओ प्रभात कुमार पर फोड़ दिया।

घटना के चार दिन बाद पीड़ित लड़की का मुकदमा 16 जुलाई को 376, 323 में दर्ज कराया जाता है। 164 के ब्यान भी दर्ज हो चुके हैं, विवेचना के बाद पोस्को एक्ट भी बढा दी गई है लेकिन आजतक भी आरोपी खुले आम घूम रहे हैं। और यहां तक साबित हो गया है कि आरोपी पक्ष का मुकदमा झूठा है। और आरोपियों का साथ देने में सीओ प्रभात कुमार का हाथ है। अपने पद और कानून का दुरुपयोग करने पर सीओ प्रभात कुमार के इस कारनामे पर आला-अधिकारियों की नींद खुलती है और क्या पीड़ित पक्ष को इंसाफ मिलेगा ये सोचने की बात है।

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