मनरेगा कार्य में लापरवाही पर एपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा रोजगार सेवक को सेवा समाप्ति का नोटिस

ब्लॉक के सरकारी आवास में बैठकर दफ्तर चलाने वाले सचिव सीडीओ के निशाने पर, होगी कार्रवाई

सीडीओ ने विकासखंड परसपुर की कई ग्राम पंचायतों का किया औचक निरीक्षण

गोंडा शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिव अब सीडीओ के निशाने पर आ गए हैं। शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर जिले के 20 पंचायत सचिवों का वेतन रोकने के आदेश तथा चार पंचायत सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मनरेगा योजना तथा मिशन कायाकल्प योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की हकीकत देखने के लिए शनिवार को विकासखंड परसपुर की कई ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सीडीओ श्री त्रिपाठी सबसे पहले ग्राम पंचायत डेहरास के मजरा मोहना पहुंचे। वहां पर आदर्श तालाब और खेल के मैदान का कार्य संतोषजनक ना मिलने पर एपीओ मनरेगा को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा रोजगार सेवक को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है। इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत पुरैना में निर्माणाधीन गौशाला, आंगनवाड़ी केंद्र तथा प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन गौशाला में एप्रोच का कार्य नहीं पाया गया। सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि वह शीघ्र ही एप्रोच का निर्माण कार्य करा कर उन्हें सूचित करें। प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान मिशन कायाकल्प योजना के तहत कोई भी कार्य नहीं कराया गया था। इस पर सीडीओ ने बीडीओ को निर्देशित किया कि वे प्राथमिक विद्यालय में मिशन कायाकल्प के तहत सभी जरूरी कार्य तत्काल शुरू कराएं। पुरैना में निरीक्षण के बाद सीडीओ सीधे ग्राम पंचायत बहुवन मदार माझा पहुंचे। वहां पर उन्होंने शौचालय के लाभार्थियों से सीधे वार्ता की तथा उन्हें शौचालय निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करावे की अपील की। बताते चलें कि भवन में स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 700 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इसके बाद सीडीओ कस्तूरबा गांधी विद्यालय परसपुर पहुंचे। वहां पर निरीक्षण के दौरान जल निकासी की समस्या पाई गई जिस पर सीडीओ ने बीडीओ को निर्देशित किया कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करें। इसके अलावा एक्सटेंशन भवन का हैंड ओवर शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

     

ग्राम पंचायतों का निर्माण कार्य देखने के बाद सीधे-सीधे विकास खंड कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी, पंचायत सचिवों तथा अन्य अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान ही सीडीओ को यह जानकारी मिली कि पंचायत सचिव ब्लॉक पर सरकारी आवासों में अपने कार्यालय चला रहे हैं और बराबर गांव को नहीं जाते हैं। इस पर सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए समस्त सचिव को निर्देशित किया कि वह तत्काल सरकारी आवासों में कार्यालय चलाना बंद कर दें तथा अपने आवंटित गांव में जाकर कार्य कराएं। सीडीओ ने चेतावनी दी कोई भी पंचायत सचिव सरकारी आवासों में बैठकर दफ्तर नहीं चलाएगा बल्कि सरकारी कार्य के लिए विकासखंड के भवन में बैठे और कार्यों का निष्पादन करें अन्यथा की दशा में उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

 

श्याम बाबू कमल

By upnews

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