आज का पंचांग

🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
⛅ दिनांक 14 जून 2020
⛅ दिन – रविवार
⛅ विक्रम संवत – 2077 (गुजरात – 2076)
⛅ शक संवत – 1942
⛅ अयन – उत्तरायण
⛅ ऋतु – ग्रीष्म
⛅ मास – आषाढ़ (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार ज्येष्ठ)
⛅ पक्ष – कृष्ण
⛅ तिथि – नवमी 15 जून रात्रि 03:19 तक तत्पश्चात दशमी
⛅ नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद रात्रि 12:22 तक तत्पश्चात रेवती
⛅ योग – आयुष्मान् सुबह 11:53 तक तत्पश्चात सौभाग्य
⛅ राहुकाल – शाम 05:29 से शाम 07:10 तक
⛅ सूर्योदय – 05:57
⛅ सूर्यास्त – 19:19
⛅ दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण – षडशीति संक्रांति (पुण्यकाल दोपहर 12:39 से सूर्यास्त तक)
💥 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
💥 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
💥 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
💥 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 नकसीर 🌷
😪 यह होने पर सिर पर ठंडा पानी डालें | ताज़ी व कोमल दूब ( दूर्वा ) का रस अथवा हरे धनिये का रस बूँद – बूँद नाक में टपकाने से रक्त निकलना बंद हो जाता है | दिन में दो – तीन बार १० ग्राम आँवले के रस में मिश्री मिलाकर पिलायें अथवा गन्ने का ताजा रस पिलाने से नकसीर में पूरा आराम मिलता है |
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 बेहोश होने पर( Coma से बाहर लाने )
😇 कोई बेहोश हो गया हो तो उसके सिर पर तिल के तेल की मालिश करो, पैरों पर तिल का तेल रगड़ो । उस के कानों में “ऐं ऐं” अथवा “ॐ ॐ” बोलें ।
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 मनोरथ सिद्धि 🌷
🙏🏻 “गुरु ….गुरु” के जप से भक्तों का मनोरथ पूरा होता है |
🙏🏻 भगवान शिवजी कहते है: गुरु मंत्रों मुखे यस्य, तस्य सिद्धि न अन्यथा गुरु लाभात सर्व लाभों गुरु हीनस्थ बालिश: |
🙏🏻 जिसके जीवन में गुरु नही है उसका कोई सच्चा हित करने वाला भी नहीं है | जिसके जीवन में गुरु है वो चाहे बाहर से शबरी भीलन जैसा गरीब हो फिर भी सोने की लंका वाले रावन से शबरी आगे आ गयी, रहिदास चमार हो फिर भी गुरु मन्त्र है मीरा के तारणहार हो गए |
🙏🏻 गुरु शब्द बहुत powerful है और गुरुदर्शन, गुरु blessing बहुत बहुत कल्याण करता है | तो बोले ‘गु’कार सिद्धि प्रोक्तो रेफ़ पापस्य हारक | गुरु में ‘र’ जो है पापनाशक है | ‘ऊ’कारो विष्णु अव्यक्त: त्रेआत्मा: गुरु परः | ये तीनो शब्द गुरु शब्द के है | गुरु शब्द का ‘ग’कार सिद्धि देनेवाला, ‘र’कार पाप हरनेवाला ‘ऊ’कार अव्यक्त विष्णु भगवान से मिलानेवाला | गुरु वो है जो श्रेष्ठ है और तीनों से पार भी है | ये आगमसार ग्रंथ है उसका श्लोक मैंने तुमको सुनाया |

📖 हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर
📒 हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻

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