Meerut: कुमुदिनी त्यागी ने रचा इतिहास नौसेना अफसर बनकर

भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टर बेडे़ में बतौर ऑब्जर्वर (महिला रणनीतिकार) चुनी गईं कुमुदिनी त्यागी ने जिले का नाम रोशन किया है। बताया गया कि कुमुदिनी का परिवार मूलरूप से मेरठ के खरखौदा गांव में रहता था।

संजय नगर सेक्टर-23 में रहने वाली कुमुदिनी के पिता प्रवेश त्यागी ने बताया कि एक पिता के लिए इससे बड़ा खुशी का दिन और क्या होगा, जब एक बेटी पर पूरा देश नाज कर रहा हो। अपनी आंखों के सामने बेटी को सपना पूरा करते हुए देख रहा हूं। उसने वह कर दिखाया जो कभी उसने बचपन से करने के बारे में सोचा था। कक्षा 10वीं से ही आर्म्ड फोर्स में जाने की जिद थी और उसी के लिए उसने दिनरात मेहनत की। काम से जब भी घर लौटा था तो मैंने हमेशा कुमुदिनी को पढ़ते हुए ही देखा था। आज वह मेहनत रंग ला रही है। चार दिन पहले ही उसने जानकारी दी थी कि उसे ऑब्जर्वर के तौर पर चुन लिया गया है लेकिन सोमवार को विधिवत तौर पर चुने जाने की खबर से बेहद खुशी हुई।

कुमुदिनी के पिता सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। उनका कहना है कि बेटी ने 10वीं सेंट पॉल स्कूल राजनगर और 12वीं छबीलदास स्कूल से किया। इसके बाद एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया। बचपन से ही कुमुदिनी पढ़ने में होशियार रही हैं और अक्सर एक ही बात कहती थीं कि पापा वर्दी की नौकरी करनी है वह भी ऊंचे पद पर, जिससे आपको नाज हो। उसका जो लक्ष्य था हमेशा मेहनत भी उसी हिसाब से की। बीटेक करने के बाद फोर्स में जाने की तैयारी में जुट गईं। लगन और कड़ी मेहनत के दम पर दिसंबर 2018 में नेवी के अंदर कमीशंड हासिल किया। यहीं से उसकी जिंदगी का नया दौर शुरू हुआ है।

कुमुदिनी का परिवार मूलरूप से खरखौदा (मेरठ) का रहना वाला है। दादा सुरेश चंद त्यागी पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे, जिन्होंने 1985 में संजयनगर में अपना मकान बना लिया था। उसके बाद से पूरा परिवार यहीं रहता है। प्रवेश त्यागी बताते हैं कि परिवार के बाकी लोग खरखौदा में रहते हैं। कुमुदिनी के छोटे भाई ने भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बीकॉम ऑनर्स किया है। वह सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे हैं।

 

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