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10 मार्च : इतिहास में आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

10 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1876 – ग्राहम वेल ने पहली बार टेलिफोन पर अपने मित्र से बात की। उन्होंने अपने मित्र से कहा कि “मेरी आवाज़ सुनो, मैं एलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल।”

1922 – महात्मा गांधी गिरफ्तार किए गए, राजद्रोह का आरोप, छेह वर्षो की क़ैद, परन्तु दो वर्ष बाद रिहा किए गए। चीन द्वारा परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर।

1945 – माधवराव सिंधिया, कांग्रेस के नेता

1998 – इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुहार्तो लगातार सातवीं बार राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित।

2002 – फ़िलिस्तीन के राष्ट्रपति यासर अराफात के आने-जाने पर लगा प्रतिबंध हटा, पाकिस्तान ने दक्षेस गृह मंत्रियों के सम्मेलन का प्रस्ताव रखा।

2003 – उत्तर कोरिया ने क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया, संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से आग्रह किया कि वे इराक के निरस्त्रीकरण के बारे में अपने मतभेदों को दूर करें और कोई आम राय क़ायम करें।

2007 – यूक्रेन के वैसिलीइवानचुक को हराकर विश्वनाथन आनन्द शतरंज में प्रथम स्थान पर पहुँचे।

2008 – माणिक सरकार की अगुवाई में त्रिपुरा में पुन: लेफ़्ट फ़्रंट ने सत्ता संभाली। वरिष्ठ काँग्रेस नेता डी. डी. लपांग ने मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मलेशिया के अब्दुल्ला बदावी देश के पुन: प्रधानमंत्री बनें।

2010 – भारतीय संसद की ऊपरी सदन राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो गया।

2017- दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हाय को संवैधानिक कोर्ट ने पद से हटा दिया।

2018 – श्रीलंका में साम्प्रदायिक दंगों में अब तक दो लोगों की मृत्यु, दस घायल।

10 मार्च को जन्मे व्यक्ति

1981 – वाजिद ख़ान – भारत के प्रसिद्ध चित्रकार और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आयरन नेल आर्टिस्ट, पेटेंट धारक तथा आविष्कारक हैं।

1970 – उमर अब्दुल्ला – ‘जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेन्स’ के राजनीतिज्ञ और ‘अब्दुल्ला परिवार’ के वंशज हैं।

1932 – उडुपी रामचन्द्र राव – अंतरिक्ष वैज्ञानिक और ‘इसरो’ (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के भूतपूर्व अध्यक्ष।

1934 – लल्लन प्रसाद व्यास, भारत के जाने-माने समाज सुधारक थे।

1945 – माधवराव सिंधिया – प्रसिद्ध कांग्रेसी नेता।

10 मार्च को हुए निधन

1959 – मुकुन्द रामाराव जयकर – प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री, समाजसेवक, न्यायाधीश, विधि विशारद तथा संविधानशास्त्रज्ञ थे।

1897 – सावित्रीबाई फुले – भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक।

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