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बड़ौत : पराली जलाने की बजाय जैविक खाद बनाएं किसान

बड़ौत : फसल अवशेष व पराली को आय का स्रोत बनाते हुए किसान पर्यावरण संरक्षण में अतुलनीय भूमिका निभा सकते हैं।
यह बात एसडीएम दुर्गेश मिश्र ने शनिवार को तहसील परिसर में आयोजित बैठक में कही। उन्होंने कहा कि भूमि से हमें खाद्यान मिलता है। ऐसे में हमारी यह जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि हम अपनी भूमि के स्वास्थ्य का अधिक ध्यान रखें। कोरोना संक्रमित रोगियों को प्रदूषण अधिक नुकसानदायक है।

भूमि के बैक्टीरिया को पहुंचता है नुकसान
राजकीय बीज भंडार पर तैनात कृषि रक्षा अधिकारी नरेशपाल ने बताया फसल अवशेष जलाने से भूमि में मौजूद कई उपयोगी बैक्टीरिया व कीट नष्ट हो जाते हैं, वहीं मिट्टी की जैविक गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

 

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